Lamha Lyrics in (हिंदी ) Arijit Singh || Pagglait ||
लम्हा तेरा मेरा ,ढूँढा किए थे कहाँ कहाँ ना जाने
लम्हों के हैं ताने बाने, दिल ना पहचाने
हो.... लम्हों के हैं ताने बाने
दिल ना पहचाने
तुझे हम रोक लें या जाने दें .
आने दे नयी सुबह को...
ख्वाब आकाश में यू लहराने दे , बादल आने दे
बरस जाने दे.....
लम्हा ये तेरा , लम्हा ये.. मेरा
लम्हों का -- फेरा
दोष तेरा न मेरा।।।।।।
यह तेरी मेरी दुनिया
है बस एक लम्हा
तिनका हाथों से उड़ा ,,,
दिल का बिच्छाड़ना दिल का मिलना
एक लम्हा इसको तो रोको ज़रा
फिर ना मिले धड़कन से भरा यह लम्हा
फिर ना मिले दूसरा यह लम्हा
लम्हों को लौटा दे
हो..... फिर ना मिले दूसरा यह लम्हा
लम्हों को लौटा दे
तुझे हम रोक लें या जाने दें..
आने दे नयी सुबह को, ख्वाब आकाश में
यून लहराने दे
बादल आने दे बरस जाने दे
लम्हा ये तेरा
लम्हा ये मेरा
लम्हों का फेरा
दोष तेरा ना मेरा
ह्म्म्मम्म ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
अरिजीत सिंह सर --


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