Padh hi lenge hum | Un dino | Cocoon || Web series || full song || Amritanshu Sinha, Aman Dhattarwal ||
Cocoon web series song - By Aman Dhattarwal (Bhaiya)
दिल की रूहानियत , थम सी गयी थी
उम्मीद का सहारा , जब थम सा गया था,
राह में सिर्फ अड़चने , कड़ी हो रही थी
वक्त ने जरा सी भी नवाज़िश न बक्षी ,
उन दिनों जब मेरे नैन खुले
थी सुबह पर जैसे रैन लगे
चाहे दिल में भरा हो गम
दूर है मंजिल है आँखे नम
खेल- कूद से मेरी राहे मुड़ चली
रातों को मेरी नींदे उड़ चली
चाहे दिल में भरा हो गम
किसी न किसी तरह तो पढ़ ही लेंगे हम
स्कूल में क्लास में लगता नहीं था दिल
उम्मीदों का बोझ ढोना हो गया था मुश्किल
आँसू और दर्द रह ही गए थे मेरे यार
गुलशन थे चार दो से छे लगातार
उन दिनों जब मेरे नैन खुले
थी सुबह पर जैसे रैन लगे
चाहे दिल में भरा हो गम
दूर है मंजिल है आँखे नम
खेल- कूद से मेरी राहे मुड़ चली
रातों को मेरी नींदे उड़ चली
चाहे दिल में भरा हो गम
किसी न किसी तरह तो पढ़ ही लेंगे हम
अगली रोज़ जब मेरे नैन खुले
खुशी और धुप मुझे मेरे दोस्त लगे
मानो खुद से लगा हो मन
मानो जाग गया हो मेरा बचपन
जिंदगी में एक नआरा सा मिला
मेरे अंदर ही था जिसे मैं ढूंढ रहा
नारा वो नूर हो जाएगा कम
किसी न किसी तरह तो पढ़ ही लेंगे हम ......
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Many many thanks Aman Bhaiya for this amazing motivatioal song..


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